
खंडवा: जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों का विधायक कंचन तनवे ने लिया जायज़ा, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे शिरकत
खंडवा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल आगामी 21 अप्रैल को खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कावेश्वर में आयोजित होने जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस महत्त्वपूर्ण आयोजन को लेकर तैयारियां तेज़ी से की जा रही हैं। शनिवार को खंडवा की विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित तैयारियों का जायज़ा लिया तथा अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल ही जीवन है के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाला मिशन है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
पूर्व ज़िला अध्यक्ष सहित कई भाजपा नेता रहे मौजूद
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस अवसर पर विधायक कंचन तनवे के साथ भाजपा के पूर्व ज़िला अध्यक्ष हरीश कोटवाले, लोकेन्द्र सिंह गौड़, सन्देश गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की तैयारियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए कार्यों की समीक्षा की और समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
ग्रामवासियों में भी उत्साह, स्वैच्छिक भागीदारी
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कावेरी के उद्गम स्थल ग्राम कावेश्वर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणजन स्वेच्छा से आयोजन स्थल की सफाई, सजावट और स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम जल संरक्षण के क्षेत्र में जनचेतना जागृत करने वाला एक प्रभावी प्रयास सिद्ध होगा।
,जल स्रोतों के संरक्षण के लिए मिलेंगे दो-दो करोड़ रुपए,
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण हेतु प्रभावी योजना लागू की गई है। इसके तहत खंडवा विधानसभा क्षेत्र में चार जल स्रोतों के संरक्षण की योजना स्वीकृत की गई है। नगरीय क्षेत्र में रामेश्वर कुंड और पदम कुंड, राजा हरिश्चंद्र मुक्ति धाम, भीमकुंड तथा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम कावेश्वर स्थित पवित्र कावेरी नदी के उद्गम स्थल को संरक्षित जल स्रोत के रूप में चुना गया है। विधायक श्रीमती कंचन तनवे की अनुशंसा पर इन स्थलों का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त एक अन्य जल स्रोत का चयन भी जल्द किया जाएगा।
प्रत्येक जल स्रोत के संरक्षण और विकास के लिए राज्य शासन द्वारा दो-दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जाएगी, जिससे वहां विकास और संधारण संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ जल स्रोतों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ेगा।
जल संरक्षण सरकार की प्राथमिकता
मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जल संरक्षण, ग्राम विकास और पंचायत सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध हैं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से न केवल पर्यावरणीय जागरूकता फैलेगी, बल्कि जल संकट से निपटने में भी मदद मिलेगी।







